3 करोड़ की गायब फाइल की जांच करेगी 7 सदस्यीय टीम

पूर्व सहायक आयुक्त के कार्यकाल में हुई थी गड़बड़ी मामले में लिपिक की भी भूमिका संदिग्ध

कोरबा। सहायक आदिवासी विकास विभाग के माध्यम से पूर्व सहायक आयुक्त माया वारियर के कार्यकाल में हुई गड़बड़ी और लगभग तीन करोड़ रुपए के कार्यों से जुड़ी फाइल/दस्तावेजों के गायब होने के मामले में एक बार फिर जांच बिठा दी गई है।

तत्कालीन कलेक्टर ने जांच का जिम्मा जिस टीम को सौंपा था, उसकी रिपोर्ट तो आज पर्यंत 15 माह बाद भी नहीं आ सकी है किंतु वर्तमान कलेक्टर अजीत वसंत ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।

उन्होंने सात सदस्य जांच टीम का गठन कर दिया है और निर्देशित किया है कि इस मामले की जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द उन्हें सौंपी जाए।


कलेक्टर ने साफ किया है कि जो भी जांच में दोषी पाए जाएंगे उन पर विधि सम्मत कार्रवाई करने के साथ-साथ पुलिस स्नढ्ढक्र भी दर्ज कराई जाएगी, किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। आरटीआई कार्यकर्ता जितेन्द्र कुमार साहू ने इस मामले में कलेक्टर व शासन से पत्र व्यवहार किया था। जारी जांच आदेश में कहा गया है कि- संविधान के अनुच्छेद 275 (1) मद अंतर्गत राशि रु. 627.56 लाख आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास रायपुर से परियोजना प्रशासक, एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना कोरबा को प्रदाय किया गया है।

जिसको श्रीमती माया वारियर, तत्कालीन परियोजना प्रशासक, एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना कोरबा के द्वारा प्रस्तावित अनुसार आदेश क्रमांक 105 दिनांक 06.06.2022 के द्वारा सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कोरबा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं अनुविभागीय अधिकारी विद्युत/यांत्रिकी लाईट मशीनरी नलकूप एवं गेट कोरबा को कार्य एजेंसी नियुक्त किया गया है।

राशि रू. 627.56 लाख में से रू. 495.79 लाख छात्रावास / आश्रमों के रेनोवेशन एवं सामग्री आपूर्ति हेतु सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कोरबा को कार्य एजेंसी नियुक्त करते हुए राशि प्रदाय किया है, जिसमें की राशि गया रु. 404.00 लाख किया सिविल कार्य हेतु प्रदाय गया है, प्रदाय किये गये राशि में से लगभग राशि रू. 300.00 लाख का व्यय श्रीमती माया वारियर, तत्कालीन सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कोरबा के कार्यकाल में किया गया है। किन्तु संविधान के अनुच्छेद 275 (1) मद अंतर्गत छात्रावास/आश्रमों में लघु निर्माण / रेनोवेशन कार्यों से संबंधित निविदा अभिलेख, कार्य आदेश, प्राक्कलन, माप पुस्तिका, देयक व्हाउचर, मूल नस्ती एवं अन्य अभिलेख कार्यालय में उपलब्ध नहीं होने के फलस्वरूप उक्त नस्ती के जांच हेतु नीचे लिखे अधिकारियों की टीम गठित की जाती है।

जांच टीम में अपर कलेक्टर दिनेश कुमार नाग, कार्यपालन अभियंता, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, कोरबा, परियोजना प्रशासक/सहायक आयक्त, आदिवासी विकास कोरबा, जिला कोषालय अधिकारी कोरबा, संतोष पटेल, कनिष्ठ लेखा अधिकारी, आदिवासी विकास कोरबा, रेशमलाल धृतलहरे, सहायक अभियंता, आदिवासी विकास कोरबा, ऋषिकेश बानी, उप अभियंता, आदिवासी विकास कोरबा शामिल हैं।