कोरबा। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य (केंद्रीय केबिनेट मिनिस्टर दर्जा प्राप्त ) ने 22 नवंबर को एसईसीएल में कार्यरत अनुसूचित जनजाति वर्ग के कर्मचारियों के आरक्षण एवं अन्य विषयों के पालन की समीक्षा बैठक बिलासपुर में हुई।
बैठक में एसईसीएल के सीएमडी प्रेम सागर मिश्रा, निदेशक कार्मिक बिरंची दास, नोडल अधिकारी (एससी) द्वारिका प्रसाद टण्डन, नोडल अधिकारी (एसटी) मनीष कुमार जूलियट सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।
बैठक के पूर्व आयोग द्वारा एसईसीएल में अनुसूचित जनजाति वर्ग के कर्मचारी संगठन, कोल इण्डिया एससी/एसटी इम्पलाइज एसोसिएशन सिस्टा के साथ बैठक कर जनजाति वर्ग के सविधानिक अधिकारों और आरक्षण के पालन की जानकारी ली गई।
समीक्षा बैठक में सिस्टा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं एसईसीएल के महासचिव आरपी खाण्डे ने मांगपत्र प्रस्तुत कर कई वैधानिक बिन्दुओं को रखा। श्री खाण्डे ने राष्ट्रीय आयोग को बताया कि कम्पनी में संचालित सभी द्विपक्षीय और त्रिपक्षीय समितियां अवैधानिक है, कोई भी समिति कानूनी ढंग से गठित नहीं है इसलिए औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 3, कोयला खान श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1947 की धारा 8 एवं भारतीय खान नियम 1955 की धारा 29 (क्यू) और 29 (टी) के तहत किये जाने की मांग की।
उन्होंने केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा कर्म समिति के लिए कोल इण्डिया लिमिटेड और एसईसीएल को चुनाव कराने के लिए जारी पत्र का उल्लेख करते हुए चुनाव कराने की मांग की और सविधान के अनुछेद 14 और 16 के तहत विधि के समक्ष समानता और लोक नियोजन के विषय में आरक्षण दिलाने का निवेदन किया।
बैठक में आयोग के उप निदेशक आरके दुबे, अनुसन्धान अधिकारीपी के दास (क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर),अनिल कुमार सिंह,निजी सचिव राजिव सक्सेना उपस्थित रहे। सिस्टा एसोसिएशन की तरफ से कम्पनी अध्यक्ष एआर सिदार, पूर्व कम्पनी अध्यक्ष एवं कार्यवाहक अध्यक्ष लुकस तेलारे सहित कोरबा, कुसमुंडा रायगढ़, जोहिला, सोहागपूर, भटगांव तथा बैकुण्ठपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष/क्षेत्रीय महासचिव विजय मिरी, केपी पाटले, घनश्याम सिंह, छत्रपाल सिंह, सुरेश सिंह मरावी, महेश पनिका, धनसिंह और राजेन्द्र कुमार सिंह उपस्थित रहे।








