आयुक्त की उपस्थिति में नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम से जुड़े कार्यो की हुई समीक्षा
कोरबा। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक संजय कुमार मुकाती ने कहा है कि कोरबा के वायु गुणवत्ता सुधार व पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सभी सार्वजनिक व औद्योगिक प्रतिष्ठान नगर निगम के साथ मिलकर पूरी इच्छाशक्ति के साथ कार्य करें तथा अपने प्रयासों व कार्यो से धरातलीय स्तर पर सकारात्मक परिणाम लाएं। उन्होंने कहा कि नगर निगम कोरबा द्वारा इस दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं, मैंने आज शहर का भ्रमण किया तथा इन कार्यो का अवलोकन किया है, इसके लिए मैं निगम प्रशासन को साधुवाद देता हूॅं।
पंचवटी विश्रामगृह में सोमवार को नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम की मानीटरिंग हेतु कोरबा नगर अरबन अग्लोमरेशन में एयर क्वालिटी मेनेजमेंट सेल की एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय की उपस्थिति में केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक संजय कुमार मुकाती ने एन.सी.ए.पी. फंड के अंतर्गत किए गए प्रगतिरत कार्यो की भौतिक व वित्तीय प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने वायु गुणवत्ता में सुधार तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यो की विस्तार से समीक्षा की।
बैठक के दौरान श्री मुकाती ने सार्वजनिक व औद्योगिक प्रतिष्ठानों से कहा कि वे कोल ट्रांसपोर्टिंग, कोयला लोडिंग व अनलोडिंग, रोड डस्ट, सी.एण्ड डी.वेस्ट, वृक्षारोपण आदि के कार्य निर्धारित मानक के अनुरूप करें, हाट स्पाट चिन्हांकित करें तथा वहॉं पर सुधार की दिशा में कार्य करें।
बैठक के दौरान पर्यावरण संरक्षण मंण्डल के क्षेत्रीय अधिकारी परमेन्द्र शेखर पाण्डेय, अपर आयुक्त विनय मिश्रा, निगम के अधीक्षण अभियंता एम.के.वर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.संजय तिवारी, कार्यपालन अभियंता सुरेश बरूवा, सहायक अभियंता राहुल मिश्रा, विपिन मिश्रा, लीलाधर पटेल आदि के साथ खाद्य विभाग, जिले के विभिन्न नगरीय निकायों के अधिकारीगण तथा समस्त सार्वजनिक व औद्योगिक प्रतिष्ठान एनटीपीसी, बालको, सीएसईबी, एसईसीएल के अधिकारीगण उपस्थित थे।
औद्योगिक प्रतिष्ठान अपनी जिम्मेदारियों को समझे : आयुक्त
आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने कहा कि कोरबा के औद्योगिक व सार्वजनिक प्रतिष्ठान पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि समस्त प्रतिष्ठान, नगरीय निकाय व अन्य संबंधित विभाग इस पर संयुक्त रूप से कार्य करते हुए वास्तविक परिणाम प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है, हम इस दिशा में उदासीन नहीं हो सकते, हम सबको अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करना ही होगा।
उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठान, राखड़ परिवहन, सी.एण्ड डी.वेस्ट निपटान, कोयला परिवहन पर फोकस करें तथा इन पर निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करवाएं, वहीं दूसरी ओर वृक्षारोपण, पर्यावरण के प्रति जनजागरूकता की दिशा में कार्य किए जाएं।








