सीएसईबी चौक फाटक बंद होने से दोनों तरफ जाम, एंबुलेंस फंसी, लोगों को हुई परेशानी

कोरबा शहर फाटकों का शहर बन गया है जहाँ आय दिन फाटक बंद रहने से कोरबा की आम जनता काफी परेशान है। सीएसईबी चौक के पास मंगलवार की सुबह लगभग 10 बजे कोयला लेकर सीएसईबी प्लांट जा रही मालगाड़ी फाटक में ही फंस गई है जिसके चलते फाटक बंद रहा और फाटक के दोनों तरफ जाम की स्थिति निर्मित हो गई। लगभग 1 घंटे तक माल गाड़ी का डिब्बा कभी सामने जा रहे तो फिर वापस पीछे आती जहां फटाक से आगे मालगाड़ी आगे नहीं बढ़ पा रही थी जिसके चलते फाटक बंद रहा और जाम की स्थिति निर्मित हो गई।

बताया जा रहा है कि कोयला लेकर जा रही मालगाड़ी का इंजन लोड नही ले पा रहा था जहाँ दूसरा इंजन जोड़कर आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया जहां काफी मशक्कत के बाद मालगाड़ी को सीएसईबी चौक के फाटक से आगे बढ़ाया गया लेकिन तब तक फाटक के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई थी इस जाम में मरीज से भरे एंबुलेंस,यात्री बस,ऑटो, चार पहिया वाहन बाईक सवार के अलावा कई वाहन फंसे हुए थे।

इस जाम के कारण लोगो मे भारी आक्रोश देखने को मिला।

सीएसईबी फाटक पर तैनात गेटकीपर के साथ कई बार बन्द की स्थिति में लोगों के साथ गाली गलौज तनाव की स्थिति हमेशा बनी रहती है गेटमैन के द्वारा इसकी शिकायत भी की गई है। बुधवारी स्थित दुकानदार गोपी शुक्ला ने बताया कि उसकी दुकान सीएसईबी चौक के पास है और अक्सर फाटक बंद होने से यह स्थिति निर्मित होती है जिसके चलते दुकानदारी में भी काफी असर पड़ता है। बुधवारी निवासी रितेश जैन ने बताया कि पास में ही कई मंदिर है और बुधवार बाजार के अलावा निहारिका का मुख्य मार्ग है जहां लोगों की आवाजाही काफी ज्यादा है कई बार फाटक बंद होने से उन्हें कई किलोमीटर घूम कर आना पड़ता है।

स्थानीय निवासी सुल्तान खान ने बताया कि कई बार माल गाड़ी खड़ा होने के बाद लोग जान जोखिम में डालकर मालगाड़ी के ऊपर और बीच से पार होते नजर आते हैं कभी भी कोई बड़ी घटना घट सकती है। शुभम साहू ने बताया कि अंडर ब्रिज की मांग को लेकर कई बार पत्राचार किया जा चुका है लेकिन अब तक ईश्वर किसी का ध्यान आकर्षित नहीं हो रहा है जिसके चलते लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। शहर के बीच मुख्य रूप से शारदा विहार, टीपी नगर,सुनालिया,पवन टॉकीज और सीएसईबी फाटक है जहाँ हमेशा बन्द की स्थिति बनी रहती है जिसके चलते जाम की स्थिति बने रहती है खासकर शाम के वक्त लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।