कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन को मिला अतिरिक्त दायित्व, आबकारी और सार्वजनिक उपक्रम विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई

कोरबा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन का कद बढ़ाते हुए उन्हें आबकारी और सार्वजनिक उपक्रम विभाग का अतिरिक्त दायित्व सौंपा है। वाणिज्य, उद्योग और श्रम मंत्री के रूप में अपने 19 महीने के कार्यकाल में लखन लाल देवांगन ने मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, जिसके चलते उनकी छवि न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देश के महानगरों में भी सशक्त हुई है।

उद्योग विभाग में क्रांतिकारी सुधार

लखन लाल देवांगन ने उद्योग विभाग में नई जान फूंकी है। उनके नेतृत्व में नई औद्योगिक नीति लागू की गई, जिसमें सिंगल विंडो सिस्टम और अन्य सुधारों के साथ निवेशकों का भरोसा जीता गया। पिछले 19 महीनों में 6 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें डाटा सेंटर, सेमीकंडक्टर प्लांट सहित 1700 छोटे-बड़े औद्योगिक इकाइयां स्थापित की गईं। उद्योगपतियों के साथ नियमित संवाद के जरिए सभी विसंगतियों को दूर किया गया और पिछली सरकार के समय से रुके 600 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी का भुगतान किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर पहली बार अस्पताल क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दिया गया, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिला। इन सुधारों के परिणामस्वरूप उद्योग विभाग की छवि न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूत हुई है।

श्रम विभाग में उल्लेखनीय कार्य

श्रम विभाग में भी लखन लाल देवांगन ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से 600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि श्रमिकों को वितरित की गई। बंद पड़े दाल-भात केंद्रों और निशुल्क कोचिंग जैसी योजनाओं को फिर से शुरू किया गया, जिससे श्रमिकों को सीधा लाभ पहुंचा।

नई जिम्मेदारियों के साथ बढ़ी उम्मीदें

आबकारी और सार्वजनिक उपक्रम विभाग की नई जिम्मेदारी मिलने के बाद लखन लाल देवांगन से अपेक्षाएं और बढ़ गई हैं। उनके अब तक के कार्यकाल को देखते हुए माना जा रहा है कि वे इन विभागों में भी उल्लेखनीय सुधार और प्रगति लाएंगे।