कोरबा, 02 सितंबर 2025: कोरबा जिले में मौसम के उतार-चढ़ाव और उमस भरी गर्मी ने लोगों की सेहत पर भारी असर डाला है। बारिश और तेज धूप के कारण वातावरण में बढ़ी नमी से वायरल फीवर, सर्दी, खांसी और बदन दर्द जैसी मौसमी बीमारियों ने जोर पकड़ लिया है। जिले के अस्पतालों में मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है, खासकर कोरबा मेडिकल कॉलेज में रोजाना करीब एक हजार मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें 40-50% मौसमी बीमारियों से पीड़ित हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक, बारिश के मौसम में तापमान में बदलाव और नमी के कारण वायरस तेजी से फैल रहा है, जो बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा प्रभावित कर रहा है। इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से वायरल फीवर का असर लंबे समय तक रहता है, और मरीजों को 5-7 दिनों तक दवा लेने के बाद भी पूरी राहत नहीं मिल रही। मरीजों को बदन दर्द और थकावट की शिकायत भी हो रही है। कोरबा मेडिकल कॉलेज में पिछले एक हफ्ते में लगभग 5,000 मरीजों ने ओपीडी और आईपीडी में इलाज कराया है। इसके अलावा, इतवारी बाजार, कटघोरा, दीपका, पाली, पोड़ी उपरोड़ा और करतला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी मरीजों की कतार लगी है।
खासकर बच्चों के डॉक्टरों पर दबाव बढ़ गया है, जहां कुछ निजी क्लीनिक में एक दिन में 125 से ज्यादा बच्चों का इलाज हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4-5 दिनों तक बारिश और धूप का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे उमस भरी गर्मी और स्वास्थ्य समस्याएं बनी रहेंगी। रविवार को रिमझिम बारिश और सोमवार को तेज धूप ने लोगों को परेशान किया। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि मौसमी बीमारियों से बचने के लिए लोगों को भीड़भाड़ से बचना चाहिए और संपर्क का दायरा सीमित रखना चाहिए।
लोग उमस से राहत पाने के लिए पंखे, कूलर और एसी का सहारा ले रहे हैं, लेकिन मौसम की मार से सेहत पर पड़ रहे असर को कम करने के लिए जागरूकता और सावधानी जरूरी है।








