महतारी वंदन योजना के लिए घर-घर सत्यापन, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

रायपुर, 2 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों की पुष्टि के लिए अब घर-घर सर्वे किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस योजना के तहत लाभार्थियों की सत्यता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। यदि कोई लाभार्थी अपने पते पर मौजूद नहीं मिलती, दस्तावेज अधूरे पाए जाते हैं या लाभार्थी की मृत्यु हो चुकी है, तो ऐसे मामलों में पुनः जांच कर नई रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव ने रायपुर जिले की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर चूक पाई जाती है, तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर, बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) और जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में यह भी तय किया गया कि जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला बाल विकास अधिकारी और क्षेत्रीय अधिकारी अब नियमित रूप से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। यह कदम योजना के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

महतारी वंदन योजना: महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण

महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य विवाहित महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो सालाना ₹12,000 होती है। यह राशि महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायक है।

सत्यापन प्रक्रिया से सुनिश्चित होगी पात्रता

घर-घर सर्वे का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान लाभार्थियों के पते, दस्तावेज और उनकी स्थिति की जांच की जाएगी। यदि कोई लाभार्थी अपात्र पाई जाती है या उनकी जानकारी में कमी पाई जाती है, तो उनके मामले की पुनः जांच होगी। इस प्रक्रिया से योजना के दुरुपयोग को रोकने और इसके प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

विभाग की प्रतिबद्धता

महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस योजना को पूरी तरह पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही है। नियमित निरीक्षण और सत्यापन प्रक्रिया के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लाभ केवल जरूरतमंद और पात्र महिलाओं तक पहुंचे। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।