कोरबा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कोरबा जिले की सभी ग्राम पंचायतों के लिए विशेष क्यूआर कोड तैयार कर लिए गए हैं। इन कोडों को पंचायत भवनों और प्रमुख स्थानों पर चस्पा किया जा रहा है।
ग्रामीण अब अपने मोबाइल से इन कोड को स्कैन कर पिछले तीन वर्षों में मनरेगा के तहत स्वीकृत और प्रगतिरत कार्यों की पूरी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। यह पहल कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन और जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग की देखरेख में लागू की जा रही है।
क्यूआर कोड से मिलेगी यह जानकारी:
पिछले तीन वर्षों में गाँव में स्वीकृत कार्यों की सूची
प्रत्येक कार्य पर स्वीकृत राशि और व्यय का विवरण
प्रगतिरत कार्यों की स्थिति
जॉब कार्डधारियों की कुल और सक्रिय संख्या
100 दिनों का कार्य पूरा करने वाले श्रमिकों की जानकारी
सृजित कुल मानव दिवस और व्यय राशि
सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग ने बताया कि यह पहल ग्रामीणों को योजनाओं की सीधी निगरानी का अधिकार देती है। अब ग्रामीण खुद देख सकेंगे कि उनके गाँव में विकास कार्यों पर कितना खर्च हुआ और किस स्तर पर उपयोग किया गया। इससे अनियमितताओं पर रोक लगेगी और जनता का भरोसा मजबूत होगा।
यह प्रणाली न केवल पारदर्शिता लाएगी, बल्कि ग्रामीणों को सशक्त सहभागी भी बनाएगी। अब वे केवल दर्शक नहीं रहेंगे, बल्कि अपने गाँव के विकास की प्रत्यक्ष निगरानी करेंगे। कोरबा जिले के सभी जनपद पंचायतों में यह व्यवस्था लागू की जा रही है। इससे विकास कार्यों की जानकारी हर ग्रामीण तक आसानी से पहुँचेगी और योजनाओं की प्रगति पर जनता की सीधी नज़र बनी रहेगी।








