चैतुरगढ़ में देवी दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु

सैकड़ों मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित

कोरबा-पाली। जिले के धार्मिक पर्यटन स्थल चैतुरगढ़ समेत पाली विकासखंड मुख्यालय और आसपास के देव स्थलों- देवी मंदिरों में शारदीय नवरात्रि का पर्व भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है। मन्दिरों-देवालयों के कलश भवन में आस्था के प्रतिरूप सैकड़ों मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए हैं।


प्रदेश के 36 किले (गढ़) में से एक चैतुरगढ़ का किला है। यहां हजार साल पुराना मां महिषासुर मर्दिनी देवी की अष्टभुजी प्रतिमा स्थापित है जो तात्कालिक राजाओं और बाद में लाफ़ागढ़ जमींदारी की अधिष्ठात्री देवी रही हैं। यहां प्रत्येक नवरात्रि का पर्व श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया जाता है।

इस क्वार नवरात्रि पर्व में मंदिर परिसर में 78 घृत, 797 तेल, 693 जवारा मनोकामना के दीप प्रज्वलित किए गए हैं। प्रतिदिन पूजा हवन का कार्य चल रहा है। वहीं भंडारा में सैकड़ों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।

प्रशासन व पुरातत्व विभाग के दिशा निर्देश अनुसार चैतुरगढ़ धार्मिक एवं न्यास ट्रस्ट पूजा एवं अन्य व्यवस्था में जुटी हुई है। यहां कोरबा जिले ही नहीं वरन प्रदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यह स्थल अन्य जगह से पृथक होने के कारण अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।

इतिहासकार इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के लिए खींचे चले आते हैं तो माता का पुरातन मन्दिर होने के कारण धार्मिक आस्था रखने वाले श्रद्धालु, प्रकृति प्रेमी इस पर्वत शृंखला की हरी भरी वादियों से सम्मोहित हो जाते हैं।