कोरबा में 10,000 लीटर अवैध शराब का विधिवत नष्टकरण: पुलिस की स्वच्छता और सुव्यवस्था की पहल

कोरबा, 20 जून 2025: पुलिस लाइन, कोरबा में जिले के विभिन्न थानों और चौकियों से छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज 1866 प्रकरणों में जब्त की गई लगभग 10,000 लीटर अवैध शराब का विधिवत नष्टकरण किया गया। इस कार्रवाई में 7565 लीटर महुआ शराब, 1356 लीटर देशी शराब, और 990 लीटर अंग्रेजी शराब शामिल थी। यह नष्टकरण पूरी पारदर्शिता और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप संपन्न हुआ।

कार्रवाई का विवरण

जब्त शराब से संबंधित प्रकरणों में सबसे अधिक 346 मामले थाना कटघोरा, 209 मामले थाना बांकीमोंगरा, और 200 मामले थाना बांगो से थे। शेष प्रकरण जिले के अन्य थानों से प्राप्त हुए। यह कार्रवाई कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, कोरबा द्वारा गठित समिति की देखरेख में की गई।

नष्टकरण प्रक्रिया को छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल से प्राप्त प्रमाण-पत्र के आधार पर पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अंजाम दिया गया। प्रक्रिया की पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई।

पुलिस की पूर्व कार्रवाइयाँ

कोरबा पुलिस ने इससे पहले भी जिले में 852 लावारिस वाहनों की नीलामी और 652 विसरा प्रकरणों का विधिवत नष्टकरण किया था। इस प्रकार की कार्रवाइयाँ थानों में वर्षों से जमा अनुपयोगी सामग्री के निपटान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कार्रवाई का उद्देश्य और प्रभाव

जिला पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई से न केवल कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित होता है, बल्कि थाना परिसरों में स्वच्छता, स्थान की उपलब्धता, और सुव्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलती है। थानों में जमा अवैध शराब का नष्टकरण पुलिस कर्मियों के लिए कार्यस्थल को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाता है।

कोरबा के पुलिस अधीक्षक ने बताया, “इस प्रकार की कार्रवाइयाँ थानों को स्वच्छ, व्यवस्थित, और उत्तरदायी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। हम भविष्य में भी ऐसी कार्रवाइयाँ निरंतर जारी रखेंगे।”

पर्यावरणीय संवेदनशीलता

नष्टकरण प्रक्रिया में पर्यावरणीय मानकों का विशेष ध्यान रखा गया। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, यह सुनिश्चित किया गया कि नष्टकरण से पर्यावरण को कोई नुकसान न हो।

आगे की योजना

जिला पुलिस ने संकेत दिया है कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाइयाँ नियमित रूप से की जाएंगी। इसका उद्देश्य थानों में जमा अनुपयोगी सामग्री का समयबद्ध निपटान करना और पुलिस कार्यालयों को अधिक कार्यकुशल बनाना है।

यह कार्रवाई न केवल कानून प्रवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को भी दर्शाती है।