कोरबा जिला पंचायत में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, तत्काल कार्रवाई की मांग

कोरबा, 26 जून 2025: जिला पंचायत, कोरबा की सामान्य सभा बैठक में उठाए गए दो गंभीर भ्रष्टाचार के मुद्दों पर कार्रवाई न होने से जिला पंचायत सदस्य व सभापति (वन विभाग) सावित्री अजय कंवर ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ को पत्र लिखकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है, साथ ही जन आंदोलन और हड़ताल की चेतावनी दी है।

24 मार्च 2025 को आयोजित सामान्य सभा बैठक में सावित्री अजय कंवर ने दो प्रमुख मुद्दों को उठाया था, जिनका पालन प्रतिवेदन 20 जून 2025 की बैठक में भी प्रस्तुत नहीं किया गया। इन मुद्दों का विवरण इस प्रकार है:

पहला मामला: ग्राम पंचायत साजापानी, जनपद पंचायत करतला में रोजगार सहायक लखन कंवर पर 2015 से 2018-19 के दौरान 47 फर्जी बिलों के माध्यम से 43,10,200 रुपये के गबन का आरोप है। इस मामले में जनपद पंचायत करतला ने 9 मई 2022 को पुलिस अधीक्षक कोरबा को FIR दर्ज करने के लिए पत्र लिखा था। साथ ही, तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ के आदेश (9 सितंबर 2022) के बावजूद केवल 1,75,000 रुपये की वसूली कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया। सावित्री ने इस मामले को वरिष्ठ अधिकारी के निर्देशों की अवहेलना और अनुशासनहीनता करार दिया।

दूसरा मामला: जनपद पंचायत कोरबा के ग्राम बरीडीह, धनवार पारा में मनरेगा के तहत 2016-17 में 12,81,700 रुपये की लागत से स्वीकृत तालाब निर्माण कार्य को सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के विपरीत राखड़ से पाट दिया गया। जांच में तालाब का कोई निशान नहीं मिला, केवल शिलापट्टिका मौजूद थी। इस मामले में भी तत्काल FIR और वसूली की कार्रवाई का आदेश दिया गया था, जो अब तक नहीं हुआ।

सावित्री अजय कंवर ने आरोप लगाया कि कुछ भ्रष्टाचारियों के प्रभाव में संबंधित अधिकारी इन मामलों पर कार्रवाई करने से बच रहे हैं। उन्होंने 20 जून 2025 की बैठक में प्रस्तुत पालन प्रतिवेदन को अस्वीकार करने और नए सिरे से प्रतिवेदन मंगाने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि इन संवेदनशील मुद्दों पर कार्रवाई न होने से जनाक्रोश बढ़ रहा है, जिसके परिणामस्वरूप जन आंदोलन या हड़ताल हो सकती है।

जिला पंचायत सीईओ से अपेक्षा की गई है कि वे दोनों मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें, अन्यथा इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और अधिकारियों की होगी।