भारतीय स्टेट बैंक की 70वीं वर्षगांठ पर कोरबा में मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन

कोरबा, 25 जून 2025: भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की 70वीं स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर आज कोरबा में बालाजी ब्लड बैंक सेंटर में एक मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बैंक के कर्मचारियों, उनके परिवारजनों और स्थानीय स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अभी तक इस शिविर में 20 यूनिट रक्त संग्रह किया जा चुका है, और आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से इस पुण्य कार्य में शामिल होने की अपील की है।

सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत आयोजन

भारतीय स्टेट बैंक ने अपने 70वें स्थापना दिवस को सामाजिक सरोकार के साथ मनाने का निर्णय लिया। इस क्रम में पूरे देश में विभिन्न स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। कोरबा में आयोजित यह शिविर भी बैंक के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) कार्यक्रम का हिस्सा है। शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना और समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना है।

बालाजी ब्लड बैंक सेंटर में उत्साहपूर्ण माहौल

बालाजी ब्लड बैंक सेंटर में सुबह से ही रक्तदान के लिए लोगों का उत्साह देखने लायक था। एसबीआई के कर्मचारियों और उनके परिवारजनों ने न केवल स्वयं रक्तदान किया, बल्कि अन्य स्वयंसेवकों को भी इस नेक कार्य के लिए प्रेरित किया। शिविर में रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच के लिए चिकित्सकों की एक टीम मौजूद थी, जो रक्तदान की प्रक्रिया को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न करा रही थी।

“रक्तदान – महादान” का संदेश

शिविर के आयोजकों ने “रक्तदान – महादान” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया। इस अवसर पर उपस्थित बैंक अधिकारियों ने कहा, “रक्तदान एक ऐसा कार्य है जो किसी की जान बचा सकता है। एक यूनिट रक्त कई लोगों की जिंदगी में नया जीवन ला सकता है। हमारा लक्ष्य है कि इस शिविर के माध्यम से अधिक से अधिक रक्त संग्रह किया जाए ताकि स्थानीय ब्लड बैंक में रक्त की कमी को पूरा किया जा सके।”

स्वयंसेवकों से अपील

आयोजकों ने सभी स्वस्थ और इच्छुक स्वयंसेवकों से इस पुण्य कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “रक्तदान न केवल जरूरतमंदों की मदद करता है, बल्कि यह स्वयं के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। प्रत्येक स्वयंसेवक का योगदान इस शिविर को और अधिक प्रभावी बनाएगा।” रक्तदान के लिए पात्रता की जांच के बाद कोई भी स्वस्थ व्यक्ति इस शिविर में भाग ले सकता है।