कुसमुंडा खदान में भूविस्थापित महिलाओं का उग्र प्रदर्शन, नौकरी की मांग को लेकर अर्धनग्न विरोध

कोरबा, 20 जुलाई 2025: दक्षिण पूर्व कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की कुसमुंडा खदान से प्रभावित भूविस्थापित महिलाओं ने नौकरी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित महिलाओं ने कुसमुंडा जीएम कार्यालय में साड़ी उतारकर अर्धनग्न प्रदर्शन किया और अधिकारियों को चूड़ियां भेंट कर अपना विरोध दर्ज कराया। घंटों तक चले इस उग्र प्रदर्शन के कारण कार्यालय का माहौल तनावपूर्ण रहा और कार्यालयीन कार्य भी प्रभावित हुए।

सुबह से ही 20-25 महिलाएं कुसमुंडा मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के गेट पर एकत्र हुईं और बाद में कार्यालय परिसर में प्रवेश कर अर्धनग्न प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि उनकी जमीनें एसईसीएल द्वारा अधिग्रहित की गईं, लेकिन उन्हें रोजगार नहीं दिया गया। भूविस्थापितों के रोजगार प्रकरण वर्षों से लंबित हैं, और कई बार दस्तावेज जमा करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि फर्जी तरीके से अन्य लोगों को नौकरी दी गई, जबकि पात्र भूविस्थापितों को नजरअंदाज किया गया।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जमीन अधिग्रहण के बाद रोजगार न मिलने से उनके सामने आर्थिक तंगी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। करीब आधा दर्जन गांवों—सोनपुरी, बालिपडनिया, जटराज, अमगांव, बरकुटा, गेवरा बस्ती, खोडरी, और भिलाई बाजार—के लगभग 150 परिवार इस समस्या से जूझ रहे हैं। महिलाओं ने मांग की कि फर्जी तरीके से नौकरी पाने वालों को हटाकर असली हकदारों को रोजगार दिया जाए।

प्रबंधन और सुरक्षा अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अडिग रहीं। प्रदर्शन के दौरान कार्यालय का माहौल गरमाया रहा, और पहले भी इस मुद्दे पर हुए आंदोलनों में भूविस्थापितों को जेल तक जाना पड़ा था। महिलाओं ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे आंदोलन जारी रखेंगी।