कोरबा, 23 जुलाई 2025: कोरबा जिले के भिलाईबाजार में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) गेवरा खदान के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा है। कटघोरा अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) द्वारा 23 से 27 जुलाई तक ड्रोन सर्वे के आदेश के विरोध में सैकड़ों ग्रामीणों ने पंचायत भवन में एकत्रित होकर इसका पुरजोर विरोध किया और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में हुई त्रिपक्षीय वार्ता में यह सहमति बनी थी कि धारा 9 के प्रकाशन से पहले कोई ड्रोन सर्वे नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद, एसडीएम ने 23 से 27 जुलाई तक सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक भिलाईबाजार में ड्रोन सर्वे की अनुमति दी है, जिसे ग्रामीणों ने अनुचित बताया है। सरपंच रजनी मरकाम ने कहा कि 28 मार्च को हुई त्रिपक्षीय वार्ता और 22 जुलाई को आयोजित ग्रामसभा में यह निर्णय लिया गया था कि जब तक मुआवजा पत्रक तैयार नहीं होता और धारा 9 का प्रकाशन नहीं किया जाता, तब तक सर्वे की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि ड्रोन सर्वे का आदेश तत्काल निरस्त किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि बिना उनकी सहमति और मुआवजा पत्रक के ड्रोन सर्वे कराना उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।
एसडीएम कार्यालय ने बताया कि कोल बेयरिंग एरिया (सीबीए) एक्ट 1957 के तहत धारा 7(1) का प्रकाशन हो चुका है और शीघ्र ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके तहत ड्रोन सर्वे की अनुमति दी गई है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि बिना उनकी मांगों को पूरा किए यह कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है।
ग्रामीणों का वर्जन:
“ड्रोन सर्वे का आदेश पूरी तरह अनुचित है। जब तक मुआवजा पत्रक नहीं दिया जाता, तब तक सर्वे नहीं होने दिया जाएगा। हमने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है और मांगों की अनदेखी पर आंदोलन करेंगे।”
रजनी मरकाम, सरपंच, भिलाईबाजार








