कोरबा। जिले में डायल 112 के वाहनों को चलाने वाले चालक पिछले आठ साल से सीमित वेतन पर काम करने को मजबूर हैं। कर्मचारियों ने बताया कि नियुक्ति के समय उन्हें 8,500 रुपये मासिक वेतन देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन नियोक्ता एजेंसी ने केवल 7,432 रुपये का ही भुगतान किया। वर्षों बाद वेतन में मामूली बढ़ोतरी हुई और यह केवल 8,200 रुपये तक पहुंच पाया।
वेतन वृद्धि न होने और अतिरिक्त काम के बावजूद ओवरटाइम का लाभ नहीं मिलने से नाराज डायल 112 कर्मियों ने कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने कहा कि आठ वर्ष किसी भी सर्विस सेक्टर में लंबा समय माना जाता है, लेकिन इतने सालों बाद भी उनके आर्थिक और सामाजिक हितों पर ध्यान नहीं दिया गया।
कर्मचारी संगठन का कहना है कि अन्य क्षेत्रों में असंगठित कामगारों के वेतन और सुविधाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सरकार खुद महंगाई को देखते हुए अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी करती है, लेकिन आपदा संबंधी कार्यों में लगे इस वर्ग के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
उन्होंने सवाल किया कि आखिर उन्हें अपने वेतन के लिए कितनी बार प्रदर्शन करना पड़ेगा। कर्मचारी संगठन ने प्रशासन से जल्द उचित निर्णय लेने की मांग की है।








