कोरबा। जिले में बरसात का मौसम विदाई की ओर है, लेकिन इसके साथ आई भारी उमस ने एक नए खतरे को जन्म दे दिया है। यह खतरा किसी बीमारी का नहीं, बल्कि एक साइलेंट किलर का है – कॉमन करैत, जिसे स्थानीय भाषा में घोड़ा करैत कहा जाता है। यह जहरीला सांप सर्पदंश से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण माना जाता है।
मौसम में उमस और नमी बढ़ने के साथ ही करैत अब अपने बिलों से निकलकर ठंडी और शांत जगहों की तलाश में इंसानी बस्तियों और घरों की ओर रुख कर रहा है। मिट्टी के फर्श वाले और अंधेरी जगहें इनका पसंदीदा ठिकाना होती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय सर्पदंश की घटनाएं तेजी से बढ़ सकती हैं।
क्यों है यह सबसे खतरनाक?
सर्पमित्रों के अनुसार, कॉमन करैत को साइलेंट किलर कहने के पीछे वजह बेहद गंभीर है। इसके काटने पर व्यक्ति को न तो ज्यादा दर्द होता है और न ही तत्काल सूजन आती है। दंश इतना हल्का होता है कि कई बार पीड़ित को पता भी नहीं चलता। लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं और समय पर इलाज न मिलने से मौत हो जाती है।
इसका जहर धीरे-धीरे असर करता है और तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) पर सीधा प्रभाव डालता है। अंतत: श्वसन क्रिया रुक जाती है और यही मौत का कारण बनता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसे मौसम में लोग रात को फर्श पर सोने से बचें, घरों को साफ रखें और टॉर्च का इस्तेमाल करें।








