कोरबा, 22 दिसंबर 2025: पश्चिमांचल के युवा भाजपा नेता और बांकीमोंगरा नगर पालिका के पार्षद दिलीप दास एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गए हैं। सोशल मीडिया पर उनकी एक महिला मित्र (जो उनकी पत्नी नहीं हैं) के साथ कथित अंतरंग तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। यह तस्वीर कोयलांचल क्षेत्र में हंगामा मचा रही है, जहां भाजपा जैसे सिद्धांतवादी दल से जुड़े नेता की ऐसी छवि पार्टी की ‘चाल-चरित्र-चेहरा’ वाली नीति पर सवाल खड़े कर रही है।
पिछले कुछ महीनों का पुराना विवाद फिर गरमाया
बताया जाता है कि वायरल तस्वीर में दिख रही महिला वही हैं, जिनके परिजनों ने पहले थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों का आरोप था कि महिला दिलीप दास के बहकावे में आकर घर का सामान, जेवरात और पैसे उनके हवाले कर दिया। उस समय दिलीप ने आरोपों को निराधार बताते हुए सफाई दी थी। महिला ने भी बयान देकर दिलीप को बेकसूर ठहराया और संबंधों से इनकार किया था। लेकिन अब यह नई तस्वीर पुराने मामले को नई जान दे रही है, जिससे क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ता दबी जुबान में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
“निजी मामला नहीं, पार्टी की छवि पर सवाल”

क्षेत्रीय भाजपाई नेता कह रहे हैं कि भले यह दिलीप का निजी मामला हो, लेकिन सार्वजनिक जीवन में ऐसी तस्वीरें उजागर होना पार्टी की इमेज को धूमिल करता है। इस पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन वॉइस मेल पर चला गया। गोपाल मोदी अप्रैल 2025 में मनोज शर्मा की जगह कोरबा भाजपा जिलाध्यक्ष बने थे, और उनकी नियुक्ति को निकाय चुनाव विवाद से जोड़ा गया था।
दिलीप दास का खंडन: “फेक आईडी से साजिश, एसपी कार्यालय में शिकायत”
दिलीप दास ने तस्वीर को पूरी तरह फर्जी बताते हुए कहा, “यह मेरी फर्जी आईडी बनाकर वायरल की गई है। यह छवि खराब करने की साजिश है।” उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है और फेक आईडी बनाने वालों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। दिलीप का कहना है कि यह राजनीतिक साजिश का हिस्सा है, जिसमें विरोधी उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर सन्नाटा, कोई पुष्टि नहीं
एक्स (पूर्व ट्विटर) पर गहन खोज में ‘दिलीप दास कोरबा भाजपा’, ‘बांकीमोंगरा पार्षद वायरल फोटो’ जैसे कीवर्ड्स से कोई हालिया (दिसंबर 2025) पोस्ट या तस्वीर नहीं मिली। पुरानी पोस्ट में दिलीप दास का जिक्र गुरु घासीदास जयंती कार्यक्रम (18 दिसंबर 2025) में आया, जहां वे भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ दिखे। वायरल तस्वीर की कोई ट्रेस नहीं, जो दिलीप के फेक आईडी वाले दावे को बल देता है। इसी तरह वेब सर्च में कोरबा से जुड़े अन्य भाजपा विवाद (जैसे पुराने वीडियो) मिले, लेकिन यह स्पेसिफिक घटना कवर नहीं हुई।
पार्टी क्या करेगी?
भाजपा की छत्तीसगढ़ इकाई पहले भी फर्जी वीडियो/फोटो से नेताओं को बदनाम करने के आरोपों पर सख्ती बरत चुकी है। कोरबा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में यह मामला संगठन के लिए चुनौती बन सकता है। फिलहाल पुलिस जांच में फेक आईडी की पड़ताल होगी, लेकिन पार्टी स्तर पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया। क्षेत्रवासी और कार्यकर्ता कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं- क्या यह साजिश साबित होगी या पुराना विवाद फिर उछाला जाएगा?








