समग्र शिक्षा विभाग में EPF घोटाले का खुलासा, लेखापाल और अफसरों पर गबन का आरोप; कलेक्टर ने जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी

कोरबा (छत्तीसगढ़): समग्र शिक्षा विभाग में एक बार फिर गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा से 23 सितंबर 2025 को कोरबा जिले के 128 संविदा कर्मचारियों के लिए 6 माह का सरकारी EPF अंशदान कुल 11 लाख 87 हजार रुपये जारी किया गया था। यह राशि सीधे कर्मचारियों के EPF खातों में जमा होनी थी, लेकिन विभाग के लेखापाल टिकेश्वर तिवारी और तत्कालीन डीएमसी ने इसे कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए कंटीजेंसी (आकस्मिक कार्य) के नाम पर आहरण कर लिया।
यह कदम शासकीय निर्देशों और वित्तीय नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। मामले के खुलासे के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है, जबकि संविदा कर्मचारी आक्रोशित हैं और शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में जुटे हैं। नव नियुक्त डीएमसी भी इस घटना से सकते में हैं।
दूसरी ओर, आरोपी अधिकारी अब डैमेज कंट्रोल में लगे हुए हैं और गबन की गई राशि की भरपाई के लिए गुणा-भाग करने की कोशिश कर रहे हैं।
कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि प्रशासन किसी भी प्रकार की आर्थिक लापरवाही या मनमानी बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के बाद यदि अनियमितता सिद्ध हुई तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला समग्र शिक्षा विभाग कोरबा की पुरानी विवादास्पद छवि को और मजबूत करता है, जहां पहले भी 15वें वित्त आयोग की राशि के गलत उपयोग जैसे मामले सामने आ चुके हैं। विभागीय जांच के नतीजे का इंतजार है।