कोरबा। नगर निगम की महत्वाकांक्षी जल आवर्धन योजना फेस-2 की मेन पाइपलाइन अत्यधिक दबाव के कारण फट गई, जिससे शहर के 52 वार्डों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। इस हादसे में लाखों लीटर पानी बर्बाद हो गया और हजारों नागरिकों को रविवार को पानी के लिए तरसना पड़ा। अधिकारियों ने आपूर्ति तत्काल बंद कर दी, जिससे 24 घंटे बाद बहाली की उम्मीद जताई जा रही है।
घटना जमनीपाली क्षेत्र में हुई, जहां पानी सप्लाई के दौरान दबाव इतना बढ़ गया कि पाइपलाइन फट गई और पूरा इलाका पानी से लबालब हो गया। सूचना मिलते ही जल प्रदाय विभाग ने सप्लाई रोक दी। इससे नगर निगम के 22 वार्ड और बांकीमोंगरा नगर पालिका के 30 वार्ड प्रभावित हुए। बांकी क्षेत्र के निवासियों ने शिकायत की कि वे पहले से ही अनियमित जलापूर्ति से जूझ रहे हैं और महीने में 3-4 बार ऐसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जो दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित करती हैं।
यह योजना मात्र पांच साल पहले 229 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से पूरी हुई थी, जिसमें कोहडिया में 29 एमएलडी क्षमता वाला वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, 15 नई पानी टंकियां, 387 किमी पाइपलाइन और जमनीपाली तक 5 किमी मेन लाइन शामिल थी। दर्री जोन (वार्ड 48-60 व 67) तथा सर्वमंगला जोन (वार्ड 61-66) भी इसी स्रोत पर निर्भर हैं। हालांकि, जॉइंट्स में लगातार लीकेज और पाइप की कमजोरी अब बड़ी चुनौती बन गई है। निगम द्वारा पहले वार्डों में लगे बोरवेल और सिंटेक्स टंकियों को बंद करने से स्लम क्षेत्रों में पानी की किल्लत और गहरा गई है। विभाग ने मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन नागरिकों में रोष बढ़ता जा रहा है।








